सुप्रभात

44 Posts

46 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 6146 postid : 141

कम से कम ऐसा तो न करें

  • SocialTwist Tell-a-Friend

facebook04Oct1349328748_storyimageपत्रकार अधिकतर सोशल नेट्वर्किंग वेबसाइटों से लोगों की तस्वीरें निकाल कर अनाधिकृत तौर पर उनका इस्तेमाल कर लेते हैं. ऐसा अधिकतर उन मामलों में देखा जाता है जब किसी हादसे में किसी की मौत हो गयी हो और जल्द से जल्द उसकी तस्वीर प्राप्त करने का सबसे आसान तरीका सोशल नेट्वर्किंग वेबसाइट होता है.

जनसंख्या के लिहाज से भारत भले ही बहुत बड़ा देश हो. लेकिन यहाँ बहुत कम ही लोग होंगे जो अपने हक के बारे में जानकारी रखते हैं, और इस तरह से अपनी शिकायत दर्ज कराते होंगे सोशल मीडिया वेबसाइटों से लोगों की जानकारी निकालना, किसी वारदात में मारे गए लोगों की पूरी जानकारी देना भारतीय मीडिया में आम बात है. हालांकि पिछले कुछ समय में हालत कुछ सुधरे हैं. कुछ टीवी चैनल बच्चों और लड़कियों की तस्वीरों को धुंधला कर देते हैं ताकि उनकी पहचान ना हो सके.
आरुषि मामले में हत्या के फौरन बाद उसका नाम और तस्वीर मीडिया में थी. गुवाहाटी में स्कूली बच्ची के साथ सड़क पर हुई बदसलूकी के मामले में भी देखा गया कि पत्रकार कैमरे पर उसका नाम, स्कूल का नाम और क्लास जैसी जानकारी मांग रहा है और फिर उसे यू ट्यूब पर डाल दिया गया. एक बच्ची जो पहले से ही अपमान का शिकार हो उसकी निजी जानकारी सार्वजनिक करना कहां तक सही है.

विदेशों में प्रेस काउंसिल का कहना है कि देश में ऐसे मामले बढ़ रहे हैं जहां पत्रकार बिना अनुमति के सोशल मीडिया से लोगों की जानकारी लेते हैं और उसे छाप भी देते हैं. जर्मन प्रेस काउंसिल की उर्जूला एर्न्स्ट का कहना है कि लोग सोशल नेटवर्क का ज्यादा इस्तेमाल करने लगे हैं, इसलिए यह कोई हैरानी की बात नहीं है कि ये पत्रकारों के लिए सूचना का एक बड़ा स्रोत बन गए हैं.
अमरीका का फोक्स न्यूज़ चैनल ने शुक्रवार को एक आदमी को आत्महत्या करते दिखा दिया था.
दरअसल शुक्रवार को फॉक्स न्यूज़ ने अपने प्रसारण के दौरान तेज़ रफ्तार से भागती एक गाड़ी को लगातार दिखाया. ये गाड़ी एरिज़ोना राज्य के फीनिक्स शहर से चली थी और चैनल पर लगातार इस घटनाक्रम की लाइव कवरेज दिखाया गया.

माना जा रहा है कि ये गाड़ी चोरी की हुई थी जिसे एक व्यक्ति लेकर भाग रहा था. लेकिन रेगिस्तान में मीलों तक गाड़ी चलाने के बाद वो व्यक्ति एकाएक रुका और गाड़ी से उतर कर भागने लगा. फिर उसने खुद को सिर में गोली मार कर जान दे दी. ये सभी दृश्य टीवी पर लाइव दिखाए गए. फॉक्स न्यूज बाद में टीवी एंकर शेफर्ड स्मिथ ने दर्शकों को ये सब दृश्य दिखाने पर माफी मांगी. उन्होंने कहा, “हमसे वाकई बड़ी गड़बड़ी हुई है.”

पिछले कुछ सालों में इस तरह के मामले तेजी से बढे हैं. हमारे यहाँ अक्सर मंदिरों में भगदड़ में कई फोटो खीच ली जाती है. किसी को कोई एतराज नहीं होता है ऊपर से दूसरो को बताते नहीं थकते की हमारी फोटो छपी है. लेकिन 2010 में जब जर्मनी के डुइसबुर्ग में लव परेड में भगदड़ मची तब 21 लोगों की मौत हुई. उस समय लोगों ने पहली बार इस बात की शिकायत की कि पत्रकारों ने बिना उनसे पूछे उनकी या उनके रिश्तेदारों की जानकारी का इस्तेमाल किया है. इसी तरह बर्लिन में एक सड़क दुर्घटना के बाद एक अखबार ने व्यक्ति का नाम भी छापा और फेसबुक से उसकी तस्वीर निकाल कर भी छाप दी.

विदेशो में इस तरह वेबसाइटों से लोगों की जानकारी निकालना पत्रकारिता की आचारनीति के खिलाफ मन जाता है. बहुत कम पत्रकार इस तरह की छानबीन करते हैं, “अधिकतर संपादकीय टीम उस व्यक्ति या उसके परिवार वालों से बात करती है. उनसे अनुमति के बाद ही कोई तस्वीर इस्तेमाल की जाती है.

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

2 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

yogi sarswat के द्वारा
October 8, 2012

और यही एक कारण भी है की अमेरिका में आये दिन सिरफिरे लोग , जब मन करता है तब गोलीबारी कर देते हैं ! हर चीज की एक सीमा होती है !

deepasingh के द्वारा
October 6, 2012

आशीष जी अच्छा लेख लिखा है आपने सही में एसा दुरूपयोग होता हे. शुभकामनाय मेरे ब्लॉग पर भी जाय dhanywaad sahit.


topic of the week



latest from jagran